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18 January 2018

एमसीएक्स शुरू करेगा दुनिया का पहला पीतल वायदा

दुनिया का पहला पीतल वायदा कारोबार भारत में शुरू होने जा रहा है। देश के सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स को इसके लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है। मेटल सेग्मेंट में ये 6वां मेटल होगा जिसमें वायदा कारोबार की सुविधा होगी। एक्सचेंज पर अब तक कॉपर, जिंक, निकेल, लेड और एल्युमिनियम में कारोबार हो रहा है।

सोने की चमक फीकी

सोने की चमक फीकी पड़ गई है। ग्लोबल मार्केट में इसका दाम 1 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है।  इसमें 1325 डॉलर पर कारोबार हो रहा है। इसमें एक दिन में ही करीब 15 डॉलर की गिरावट आ चुकी है। डॉलर में 3 साल के निचले स्तर से रिकवरी देखी गई है। ऐसे में सोने पर दबाव बढ़ गया है। वहीं चांदी में भी गिरावट आई है और ये 17 डॉलर के भी नीचे का स्तर छू चुकी है। अमेरिका में भंडार गिरने से कच्चे तेल में फिर से तेजी लौटी है। ब्रेंट और नायमैक्स क्रूड करीब 0.5 फीसदी पर कारोबार कर रहे हैं। एपीआई के मुताबिक अमेरिका में क्रूड का का भंडार करीब 51 लाख बैरल गिर गया है। वहीं चीन में मांग घटने की आशंका से बेस मेटल की चाल कमजोर पड़ गई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में सपाट कारोबार हो रहा है। डॉलर की कीमत 64 रुपये के नीचे बनी हुई है।

चीनी का उत्पादन 261 लाख टन होने का अनुमान — उद्योग

आर एस राणा
नई दिल्ली। पहली अक्टूबर से शुरु हुए चालू पेराई सीजन 2017—18 में चीनी का उत्पादन बढ़कर 261 लाख टन होने का अनुमान है जोकि पहले आरंभिक अनुमान के मुकाबले 10 लाख टन अधिक है। उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरी से चीनी की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान है।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को चीनी उत्पादन अनुमान और खपत की जानकारी दी। इस्मा के अनुसार पहले आरभिक अनुमान में चीनी का उत्पादन 251 लाख टन होने का अनुमान था। पिछले पेराई सीजन 2016—17 में चीनी मिलों ने लगभग 246 लाख चीनी की बिक्री की थी, जबकि चालू पेराई सीजन में चीनी की खपत 250 लाख टन होने का अनुमान है। अत: घरेलू बाजार में 10—11 लाख टन चीनी की उपलब्धता ज्यादा है।
चीनी की कुल उपलब्धता मांग की तुलना में ज्यादा है, जबकि घरेलू बाजार में चीनी के भाव दो साल के न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं इसलिए उद्योग ने मांग की है कि चीनी निर्यात में केंद्र सरकार चीनी मिलों को कुछ छूट दे। इस समय चीनी पर 20 फीसदी निर्यात शुल्क है तथा मौजूदा स्थिति में निर्यात की संभावना नहीं है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार चालू पेराई सीजन में चीनी का उपलब्धता सालाना खपत से ज्यादा ही है, इसलिए आयात की संभावना नहीं है। इस समय चीनी पर आयात शुल्क 40 फीसदी है।
चीनी के उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरील से चीनी की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान है जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती ​चीनी मिल सकेगी। गुरुवार को दिल्ली में चीनी के भाव 3,550 से 3,600 रुपये और उत्तर प्रदेश में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव 3,275 से 3,400 रुपये तथा महाराष्ट्र में चीनी के भाव 2,925 से 3,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।............आर एस राणा



16 January 2018

दालों के आयात में आई कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। नवंबर महीने में दालों का आयात घटकर 7.56 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल नवंबर महीने में इनका आयात 11.7 लाख टन का हुआ था। आयात घटने के बावजूद भी दलहन की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे ही बनी हुई है। रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की आवक दक्षिण भारत के राज्यों में शुरु हो चुकी है, जबकि अगले महीने से इसकी दैनिक आवक बढ़ जायेगी। मसूर की नई फसल की आवक अप्रैल में बनेगी। अत: अभी दालों की कीमतों में तेजी की संभावना भी नहीं है।
खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पिछले दो महीनों अक्टूबर और नवंबर में दलहन के आयात में कमी आई है। चना और मसूर के आयात पर दिसंबर में आयात शुल्क लगाया गया था इसलिए दिसंबर—जनवरी में दालों के आयात में और भी कमी आयेगी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने में दलहन का आयात 5.51 लाख टन का हुआ था जबकि पिछले साल के अक्टूबर महीने में दालों का आयात 6.50 लाख टन का हुआ था।
चालू वित्त वर्ष 2017—18 के पहले 8 महीनों अप्रैल से नवंबर के दौरान दलहन का कुल आयात 20 फीसदी बढ़कर 46.89 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016—17 की समान अवधि में इनका आयात केवल 39.18 लाख टन का ही हुआ था।
केंद्र सरकार ने अगस्त में अरहर की 2 लाख टन और मूंग—उड़द के आयात की 3 लाख टन आयात की सीमा तय की थी जबकि नवंबर में मटर के आयात पर 50 फीसदी का आयात शुल्क लगाया था। उसके बाद दिसंबर महीने में केंद्र सरकार ने चना और मसूर के आयात पर 30 फीसदी का आयात शुल्क लगा दिया था।
वित्त वर्ष 2016—17 में दलहन का रिकार्ड आयात 66.1 लाख टन का हुआ था जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष में दलहन का आयात 58 लाख टन का हुआ था।


कृषि मंत्रालय के अनुसार फसल सीजन 2016—17 में देश में दलहन का उत्पादन 229.5 लाख टन का हुआ है जबकि देश में दालों की सालाना खपत सामान्यत: 240 से 245 लाख टन की होती है। .............  आर एस राणा

उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 42 लाख टन के करीब

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन में पहली अक्टूबर से 12 जनवरी तक चीनी का उत्पादन बढ़कर 41.73 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका उत्पादन केवल 33.26 लाख टन का ही हुआ था।
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) के अनुसार चालू पेराई सीजन में उत्तर प्रदेश में गन्ने की रिकवरी दर बढ़कर 10.19 फीसदी की आ रही है जबकि पिछले साल की समान अवधि में गन्ने में रिकवरी की दर केवल 9.87 फीसदी की ही आ रही थी। चालू पेराई सीजन में राज्य में 118 चीनी मिलों में पेराई चल रही है जबकि पिछले साल इस समय केवल 116 चीनी मिलों में ही पेराई चल रही थी। ...........  आर एस राणा

डॉलर में गिरावट से सोना 4 महीने के ऊपरी स्तर पर

डॉलर में गिरावट से सोना लगातार 4 महीने के ऊपरी स्तर पर बना हुआ है। इसमें 1340 डॉलर के पास कारोबार हो रहा है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है। एक डॉलर की कीमत 63.70 रुपये के पार चली गई है। कच्चे तेल का भाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्लोबल मार्केट में ये पिछले 38 महीने के ऊपरी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। ब्रेंट का दाम 70 डॉलर के पार है। नायमैक्स क्रूड में 64.5 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। इस बीच बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने कच्चे तेल पर अनुमान बढ़ा दिया है। बैंक ने इस साल ब्रेंट का औसत भाव पहले के 56 डॉलर से बढ़ाकर 64 डॉलर कर दिया है। वहीं नायमैक्स का औसत भाव 52 डॉलर से बढ़ाकर 60 डॉलर किया है। बैंक का मानना है कि इस साल सप्लाई में करीब 4.25 लाख बैरल की किल्लत देखने को मिल सकती है।

सटोरियों पर बढ़ी एनसीडीईएक्स की सख्ती

कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स ने नियमों का पालन न करने वाले ट्रेड पर सख्ती बढ़ा दी है। एक्सचेंज ने इस तरह के सौदों पर लगने वाले जुर्माने को 5000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दिया है। साथ ही अगर दोबारा कोई ब्रोकर ऐसा करता है तो उस पर 1 लाख रुपये तक भी जुर्माना लग सकता है। वहीं बार-बार गड़गड़ी करने वाले मेंबर्स पर जुर्माने के अलावा सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।