Total Pageviews

16 December 2017

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी।
............एक महीना रिपोर्ट लेने का चार्ज मात्र 1,000 रुपये, 6 महीने का 5,000 रुपये और एक साल का केवल 8,000 रुपये........
एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के लिए ----------------हमें ई-मेल करे या फिर फोन पर संपक करें।

आर एस राणा
rsrana2001@gmail.com
rsrana2017@yahoo.com
mobile no.  09811470207 , 07678684719

एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर एग्री कमोडिटी की दैनिक टिप्स

प्रिय पाठकों,
एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर एग्री कमोडिटी में दैनिक आधार पर किस भाव पर खरीद करें, क्या स्टोप लोस लगाए तथा टारगेट क्या है। ट्रायल लेने के लिए हमें फोन करें या ई-मेल करें,। यह सर्विस मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से दी जायेगी। इस सेवा के लिए हमें ई मेल
rsrana2001@gmail.com, rsrana2017@yahoo.com,   पर भेजे या फिर मोबाईल नं0 - 09811470207, 07678684719 पर संपर्क करें।
धन्यवाद,
आर एस राणा
09811470207

15 December 2017

पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में गेहूं की बुवाई घटी, यूपी में बढ़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा के साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहां चालू रबी में गेहूं की बुवाई पिछड़ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में बुवाई में बढ़ोतरी हुई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार अभी तक देशभर में गेहूं की बुवाई घटकर केवल 245.50 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 250.48 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। सामान्यतः गेहूं की बुवाई 301 लाख हैक्टेयर में होती है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश में अभी तक गेहूं की बुवाई 39.21 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई राज्य में 42.39 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। इसी तरह से पंजाब में चालू रबी में गेहूं की बुवाई घटकर अभी तक केवल 33.92 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 34.15 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। हरियाणा में गेहूं की बुवाई घटकर अभी तक केवल 22.98 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 24.18 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
मंत्रालय के अनुसार राजस्थान में गेहूं की बुवाई घटकर अभी तक केवल 25.42 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 26.95 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। प्रमुख उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़कर 83.10 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में केवल 81.90 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
अन्य राज्यों में गुजरात में गेहूं की बुवाई चालू रबी में 8.53 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 6.30 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी। बिहार में गेहूं की बुवाई 15.68 लाख हैक्टेयर में, महाराष्ट्र में 5.53 लाख हैक्टेयर में और उत्तराखंड में 3.10 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है।............  आर एस राणा

सरसों की बुवाई राजस्थान में घटी, मध्य प्रदेश में बढ़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान में सरसों की बुवाई कम हुई है, वहीं मध्य प्रदेश में बढ़ी है। राजस्थान में सरसों की बुवाई घटकर अभी तक केवल 20.54 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 27.67 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मध्य प्रदेश में चालू रबी में सरसों की बुवाई बढ़कर 7.29 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 6.84 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
अन्य राज्यों में हरियाणा में सरसों की बुवाई चालू रबी में 5.83 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक सरसों की बुवाई 5.34 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। उत्तर प्रदेश में सरसों की बुवाई चालू रबी में 11.98 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 11.75 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। पश्चिमी बंगाल में चालू रबी में सरसों की बुवाई 4.50 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 4.40 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो चुकी थी। असम में सरसों की बुवाई अभी तक 2.52 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 2.79 लाखा हैक्टेयर में हो चुकी थी।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में सरसों की कुल बुवाई घटकर अभी तक केवल 60.98 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 65.52 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। ....   आर एस राणा

चना की बुवाई में भारी बढ़ोतरी, सरसों के साथ गेहूं की बुवाई में कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां दलहन की प्रमुख फसल चना की बुवाई में भारी बढ़ोतरी हुई है, वहीं रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों के साथ ही गेहूं की बुवाई भी पिछड़ रही है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में कुल फसलों की बुवाई बढ़कर 514.22 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल के समान अवधि में 509.12 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
मंत्रालय के अनुसार रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई घटकर 245.50 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 250.48 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। रबी दलहन की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 138.19 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 127.02 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
रबी दलहन की प्रमुख फसल चना के साथ ही मसूर की बुवाई भी आगे चल रही है। चना की बुवाई बढ़कर 96.23 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 84.65 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। इसी तरह से मसूर की बुवाई भी बढ़कर चालू रबी में 15.53 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 15.26 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। उड़द की बुवाई चालू रबी में पिछले साल के लगभग बराबर हो चुकी है जबकि मूंग की बुवाई में कमी आई है।
मोटे अनाजों की बुवाई चालू रबी में अभी तक 46.93 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय 47.92 लाख हैक्टेयर में हुई थी। मोटे अनाजों में ज्वार घटकर 28.25 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 29.89 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। जौ की बुवाई भी चालू रबी में घटकर 6.62 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 6.64 लाख हैक्टेयर में जौ की बुवाई हो चुकी थी। मक्का की बुवाई जरुर चालू रबी में बढ़कर 11.33 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक मक्का की बुवाई केवल 11.02 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी।
चालू रबी में तिलहनों की बुवाई घटकर 70.73 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 74.46 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई अभी तक केवल 60.99 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 65.52 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। रबी में मूंगफली की बुवाई 3.84 लाख हैक्टेयर में और अलसी की बुवाई 3.35 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। धान की रौपाई चालू रबी में बढ़कर अभी तक 12.88 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 9.25 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।.................  आर एस राणा

14 December 2017

डॉलर के मुकाबले रुपये में जोरदार तेजी

डॉलर के मुकाबले रुपये में जोरदार तेजी आई है। रुपया तीन महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया है। एक डॉलर की कीमत 64.10 रुपये तक आ गई है। सोना पिछले चार हफ्ते में पहली बार साप्ताहिक बढ़त दिखा रहा है। हालांकि भाव कल के स्तर के आसपास ही हैं। डॉलर में सुस्ती से कीमतों को सपोर्ट मिला है। वहीं ग्लोबल मार्केट में चांदी कल की गिरावट के बाद हल्के बढ़त के साथ कारोबार कर रही है। लेकिन बढ़त के बावजूद इसका भाव 16 डॉलर के नीचे बना हुआ है। आज अमेरिका में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के आंकड़ों पर बाजार की नजर है। इस बीच कच्चे तेल की बढ़त पर ब्रेक लग गया है। ब्रेंट में गिरावट शुरू हो गई है। दरअसल अमेरिका में उत्पादन बढ़ने का अनुमान है।


13 December 2017

चालू रबी में 975 लाख टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य, चना का 97.5 लाख टन का

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी सीजन 2017-18 में केंद्र सरकार ने गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य 975 लाख टन का तय किया है जबकि फसल सीजन 2016-17 में उत्पादन 983.8 लाख टन का हुआ था। चना के उत्पादन का लक्ष्य 97.5 लाख टन का तय किया है।
कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार गेहूं की बुवाई अभी पिछे चल रही है लेकिन कुल बुवाई करीब 300 लाख हैक्टेयर में ही होने का अनुमान है। मंत्रालय के अनुसार अभी तक 190.87 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इसकी बुवाई 203.56 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
मंत्रालय ने चालू रबी में जौ के उत्पादन का लक्ष्य 19 लाख टन का तय किया है, जबकि पिछले साल 17.4 लाख टन का उत्पादन हुआ था। हालांकि बुवाई चालू रबी में जौ की पिछड़ रही है। मंत्रालय के अनुसार अभी तक जौ की बुवाई केवल 5.88 लाख हैक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 6.02 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
कृषि मंत्रालय ने चालू रबी में चना के उत्पादन का लक्ष्य 97.5 लाख टन का रखा है जबकि पिछले फसल सीजन 2016-17 में चना का उत्पादन 93.3 लाख टन का हुआ था। चालू रबी में चना की बुवाई बढ़कर 89.58 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 81.25 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। रबी में मूंग के उत्पादन का लक्ष्य 6.5 लाख टन का और उड़द के उत्पादन का लक्ष्य 7.5 लाख टन का रखा है जबकि फसल सीजन 2016-17 रबी सीजन में उड़द का उत्पादन 6.3 लाख टन का और मूंग का उत्पादन 5.5 लाख टन का हुआ था। चालू रबी में उड़द के साथ ही मूंग की बुवाई भी पिछड़ रही है। मंत्रालय के अनुसार उड़द की बुवाई अभी तक 3.62 लाख हैक्टेयर में और मूंग की बुवाई 1.24 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुवाई क्रमशः 4.12 और 1.64 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
कृषि मंत्रालय ने सरसों के उत्पादन का लक्ष्य चालू रबी सीजन 2017-18 में 81 लाख टन का तय किया है जबकि मंत्रालय के अनुसार फसल सीजन 2016-17 में सरसों का उत्पादन 79.77 लाख टन का हुआ था। हालांकि चालू रबी में सरसों की बुवाई पिछड़ रही है तथा अभी तक केवल 59.36 लाख हैक्टेयर में ही सरसों की बुवाई हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 64.21 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। ............  आर एस राणा