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22 मई 2009

तीन माह में 20 लाख टन रॉ शुगर आयात के सौदे

इस साल फरवरी के बाद चीनी मिलों द्वारा करीब 20 लाख टन रॉ शुगर के आयात सौदे किए जा चुके हैं जबकि एसटीसी, एमएमटीसी और पीईसी जैसी सरकारी कंपनियों ने करीब 56,000 रॉ शुगर के आयात सौदे किए हैं। केंद्र सरकार ने एडवांस लाइसेंस स्कीम के तहत रॉ शुगर के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया है। जिसे रिफाइंड कर घरलू बाजार में बेचने की भी अनुमति है। हालांकि इस योजना के तहत मिलों को इसी मात्रा में रॉ शुगर का निर्यात करना होगा। जून के अंत तक करीब 13 लाख टन रॉ शुगर भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है। रॉ शुगर की कुछ खेप पहले ही भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुकी हैं। ओपन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के तहत भी मिलों को सरकार की ओर से एक अगस्त तक शुल्क मुक्त रॉ शुगर आयात की अनुमति मिली हुई है। हालांकि इस दौरान सरकारी कंपनियों द्वारा ज्यादा आयात नहीं कियाज जा रहा है। एसटीसी, एमएमटीसी और पीईसी जैसी कंपनियों को भी जीरो डयूटी पर रॉ शुगर आयात की अनुमति है। लेकिन इन कंपनियों ने अब तक महज 56 हजार टन आयात की है जबकि अनुमति दस लाख टन की थी। बाद में उन्हें दो लाख टन चीनी आयात करने का अनुमति दी गई। वाणिज्य मंत्रालय ने सरकार को बाकी आठ लाख टन रॉ शुगर आयात के लिए कारोबारियों को अनुमति देने का सुझाव दिया था। ऐसे में माना यह जा रहा है कि घरलू बाजार में चीनी की कीमतें यदि बढ़ती हैं तो सरकार निजी कारोबारियों को भी रिफाइंड चीनी आयात की अनुमति दे सकती है। फिलहाल बाजार में खुदरा चीनी का भाव करीब 26-27 रुपये किलो है। वहीं केंद्रीय भंडार में चीनी करीब 25.50 रुपये किलो के भाव बिक रही है। (Business Bhaskar....R S Rana)

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