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13 अगस्त 2015

सीरिया और टर्की की फसल आने से जीरा की कीमतों में आई गिरावट


आर एस राणा
नई दिल्ली। सीरिया और टर्की में जीरा की नई फसल आने से विष्व बाजार के साथ ही घरेलू बाजार में भी जीरा की कीमतों में गिरावट आई है। विष्व बाजार में भारतीय जीरा का भाव घटकर 3.42 डॉलर प्रति किलो रह गया। प्रमुख उत्पादक मंडी उंझा में जीरा के भाव 2,700 से 3,200 रुपये प्रति 20 किलो क्वालिटीनुसार रहे।
जीरा निर्यातक रजनीकांत पोपट ने बताया कि सीरिया और टर्की में जीरा की नई फसल की आवक षुरु हो गई है तथा अगस्त-सितंबर में इन देषों में आवक का पीक सीजन होता है, साथ ही खाड़ी देषों को टर्की और सीरिया से भारत की तुलना में सस्ता जीरा मिलता है। इसीलिए विष्व बाजार में भी जीरा की कीमतों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि विष्व बाजार में भारतीय जीरा का भाव घटकर 3.42 डॉलर प्रति किलो रह गया जबकि पिछले महीने इसका भाव 3.64 डॉलर प्रति किलो था। हालांकि टर्की और सीरिया में राजनीति गतिरोध के कारण भारत से निर्यात पिछले साल की तरह ज्यादा ही होगा।
जीरा कारोबारी एस अग्रवाल ने बताया कि उंझा मंडी में जीरा की दैनिक आवक 3,000 से 4,000 बोरी (एक बोरी-45 किलो) की हो रही है जबकि दैनिक सौदे 5,000 बोरी के हो रहे है। उन्होंने बताया कि मंडी में हल्की क्वालिटी के जीरा की आवक ज्यादा हो रही है जिससे भाव में कमी आई है। उन्होंने बताया कि महीने भर में जीरा की कीमतों में करीब 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। उंझा मंडी में गुरुवार को हल्की क्वालिटी के जीरा का भाव 2,700 से 2,800 रुपये प्रति 20 किलो रहे जबकि बढ़िया क्वालिटी के जीरा के भाव 2,800 से 2,900 रुपये और निर्यात क्वालिटी जीरा के भाव 3,000 से 3,200 रुपये प्रति 20 किलो रहे।
सूत्रों के अनुसार उत्पादक मंडियों में जीरा की कुल आवक पिछले साल से आधी ही हुई है। पिछले साल इस समय तक मंडियों में 3,36,765 टन जीरा की आवक हुई थी जबकि चालू सीजन में अभी तक केवल 1,12,460 टन की ही आवक हुई है। प्रमुख उत्पादक राज्यों गुजरात और राजस्थान में बेमौसम बारिष और ओलावृष्टि से जीरा की फसल की क्वालिटी काफी खरीद हुई थी जिसकी वजह से उच्च गुणवत्ता के जीरा की उपलब्धता कम है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में निर्यातकों के साथ ही घरेलू मसाला कंपनियों की मांग बढ़ेगीा, जिससे कीमतों में फिर तेजी आने का अनुमान है।
मसाला बोर्ड के अनुसार वित्त वर्ष 2014-15 में जीरा के निर्यात में 28 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 1,55,500 टन का हुआ था जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में केवल 1,21,500 टन का ही निर्यात हुआ था।.....आर एस राणा

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