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18 October 2017

दूध की कीमतों पर सरकारी नियंत्रण!

सरकार दूध की कीमतों पर लगाम लगाने की तैयारी में है। कृषि मंत्रालय ने मत्रियों के समूह को दूध को आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा है। आवश्यक वस्तु अधिनियम में आने से दूध के भाव पर सरकारी नियंत्रण होगा। इस कदम से किसानों और ग्राहकों को फायदा होगा। नंवबर से मार्च तक दूध की सप्लाई बढ़ जाती है। लिहाजा सरकार के दूध के भाव के लिए प्रस्तावित प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड से किसानों को मदद मिल सकती है।

चीनी की कीमतों में दीपावली बाद आयेगी गिरावट, बकाया स्टॉक कम

आर एस राणा
नई दिल्ली। चीनी की कीमतें उत्पादक राज्यों में स्थिर बनी हुई है। दिल्ली में चीनी के भाव 4,050 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल रहे। दीपावली के बाद चीनी की कीमतों में गिरावट आने का अनुमान है, हालांकि चालू पेराई सीजन के आरंभ में चीनी का बकाया स्टॉक पिछले साल की तुलना में कम रहेगा।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएषन (इस्मा) के अनुसार चालू पेराई सीजन 2017-18 के आरंभ में चीनी का बकाया स्टॉक केवल 40 लाख टन का ही बचेगा जबकि पिछले साल नए पेराई सीजन के आरंभ में बकाया स्टॉक 77.50 लाख टन का था।
पेराई सीजन 2016-17 में चीनी की खपत 245 लाख टन की हुई थी, जबकि उत्पादन 203 लाख टन का हुआ था। केंद्र सरकार ने शुन्य शुल्क पर 5 लाख टन चीनी के आयात को मंजूरी दी थी। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू सीजन में गन्ने के बुवाई क्षेत्रफल में बढ़ोतरी हुई है इसलिए चीनी का उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान है। ......  आर एस राणा

ब्रेंट का दाम 58 डॉलर के पार

कच्चे तेल में तेजी आई है और ब्रेंट का दाम 58 डॉलर के पार चला गया है। वहीं नायमैक्स क्रूड में 52 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार 71 लाख बैरल गिर गया है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच इराक से भी कच्चे तेल की सप्लाई में कमी की अशंका है। ऐसे में क्रूड की कीमतों को दोहरा सपोर्ट मिला है। कल की गिरावट के बाद आज सोने में भी रिकवरी आई है और कॉमैक्स पर सोना 1 हफ्ते के निचले स्तर से करीब 0.25 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी में करीब 0.5 फीसदी की रिकवरी आई है।

17 October 2017

18 अक्टूबर 2017 का मौसम पूर्वानुमान

बंगाल की खाड़ी के मध्य पश्चिम में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम आने वाले समय में और प्रभावशाली होते हुए डिप्रेशन बन सकता है। यह सिस्टम 19 अक्तूबर को उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओड़ीशा के बीच से ज़मीनी हिस्सों पर पहुंचेगा।
कर्नाटक के तटीय हिस्सों के करीब अरब सागर के मध्य पूर्व में भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने इन दोनों मौसमी सिस्टमों को एक ट्रफ रेखा जोड़ रही है।
जम्मू कश्मीर के पूर्वी भागों पर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कोंकण गोवा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
तमिलनाडु, केरल, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप में अधिकांश स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की गई हैं।
नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भी एक-दो स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई।
पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई में 32 मिलीमीटर वर्षा हुई। चेन्नई में 24 और गोवा में 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
उत्तरी तमिलनाडु, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के कुछ भागों, तटीय कर्नाटक, उत्तरी केरल, दक्षिणी कोंकण व गोवा तथा आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
तटीय ओड़ीशा, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
देश के बाकी सभी भागों में बारिश के आसार ना के बराबर हैं, यानि शेष सभी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा।.....www.skymet.com

16 October 2017

सितंबर में वनस्पति तेलों का आयात 9 फीसदी बढ़ा

आर एस राणा
नई दिल्ली। सितंबर महीने में वनस्पति तेलों के आयात में 9 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल आयात 1,519,277 टन का हुआ है जबकि पिछले साल सितंबर में 1,399,993 टन का आयात हुआ था।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार सितंबर में हुए कुल आयात में 1,501,283 टन खाद्य तेलों का और 17,994 टन अखाद्य तेलों का आयात हुआ है तथा चालू तेल वर्ष (नवंबर-16 से अक्टूबर-17) के पहले 11 महीने में से किसी एक महीने में वनस्पति तेलों का आयात सितंबर में सबसे ज्यादा हुआ है। चालू तेल वर्ष के पहले 11 महीनों में वनस्पति तेलों का आयात 5 फीसदी बढ़कर कुल आयात 14,268,845 टन का हुआ है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 13,565,548 टन का हुआ था।
आयातित वनस्पति तेलों की कीमतों में अगस्त के मुकाबले सितंबर महीने में बढ़ोतरी हुई है, हालांकि पिछले साल के सितंबर के मुकाबले भाव नीचे ही हैं। अगस्त महीने में भारतीय बंदरगाह पर आरबीडी पामोलीन का भाव 684 डॉलर प्रति टन था जोकि सितंबर में बढ़कर 729 डॉलर प्रति टन हो गया। इसी तरह से क्रुड पॉम तेल का भाव सितंबर में बढ़कर 730 डॉलर प्रति टन हो गया, जबकि अगस्त में इसका भाव 670 डॉलर प्रति टन था। क्रुड सोयाबीन तेल का भाव अगस्त के 813 डॉलर प्रति टन से बढ़कर सितंबर में 836 डॉलर प्रति टन हो गया। ........आर एस राणा

डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी

 आज डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी देखी जा रही है। डॉलर की कीमत 64.90 रुपये के पास है। ग्लोबल मार्केट में सोने में बेहद छोटे दायरे में कारोबार हो रहा है। कल 1300 डॉलर का स्तर छूने के बाद इसमें दबाव दिखा है और फिलहाल ये 1295 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है। चांदी में हालांकि तेजी जारी है और इसका दाम 17 डॉलर के ऊपर है। कच्चे तेल की तेजी पर ब्रेक लग गया है।

गुजरात में मूंगफली का उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में मूंगफली का उत्पादन बढ़कर 31.45 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल खरीफ सीजन में राज्य में 29.40 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू खरीफ में मूंगफली की बुवाई राज्य में पिछले साल की तुलना में घटी है, इसके बावजूद भी उत्पादन पिछले साल की तुलना में बढ़ने की संभावना है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ सीजन में गुजरात में मूंगफली की बुवाई घटकर 16 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल राज्य में 16.42 लाख हैक्टेयर में मूंगफली की बुवाई हुई थी।.............  आर एस राणा

15 October 2017

दिवाली और धनतेरस से पहले सोना महंगा

दिवाली और धनतेरस से पहले सोना महंगा होने लगा है। ग्लोबल मार्केट में इसका दाम 1300 डॉलर के पार चला गया है जो पिछले 3 हफ्ते का ऊपरी स्तर है। चांदी में भी 17 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। डॉलर में नरमी से सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला है। कच्चे तेल में जोरदार तेजी आई है और इसका दाम करीब 1 फीसदी बढ़ गया है। ईरान के खिलाफ अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदी के बाद कच्चे तेल की कीमतों को सपोर्ट मिला है। अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लीयर डील को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। वहीं अमेरिका में क्रूड का उत्पादन भी घटने का अनुमान है। ऐसे में ब्रेंट का दाम 58 डॉलर के बेहद करीब पहुंच गया है। वहीं नायमैक्स क्रूड में भी 52 डॉलर के पास कारोबार हो रहा है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में फिर से कमजोरी आई है। एक डॉलर की कीमत 64.70 पैसे के पार है।

14 October 2017

15 अक्टूबर 2017 का मौसम पूर्वानुमान

एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान पर बना हुआ है।
एक चक्रवती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर पर देखा जा सकता है। यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ्ने की संभावना है और धीरे-धीरे मजबूत होगी।
एक और चक्रवती सिस्टम अरब समुद्र की ओर से तट से दूर हो रहा है। एक ट्रफ रेखा इन दोनों चक्रवती सिस्टमो को महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से जोड़ रही है।
एक उत्तर-दक्षिण ट्रौघ रेखा उप हिमालय पश्चिम बंगाल, गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक बनी हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल,कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के अधिकतर स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हुई।
तमिलनाडु, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणपूर्व मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानो पर मध्यम वर्षा हुईं।
विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, ओडिशा पर हल्की बारिश हुई,जबकि दक्षिणपूर्व गुजरात और बिहार में एक दो स्थानो पर हल्की बारिश हुई।
पश्चिमी राजस्थान और कच्छ में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर है।उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत के हिस्सों पर शुष्क मौसम जारी रहा।विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पश्चिम मैदानी इलाकों में धुन्ध में वृद्धि हुई है।
शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे से पिछले 24 घंटों में उत्तरी लखीमपुर में 96 मिमी बारिश दर्ज की गई, डिब्रूगढ़ और मिदनापुर में 74 मिमी बारिश दर्ज की गई, चिंदवड़ा में 85 मिमी और सिलचर में 60 मिमी बारिश हुई।
केरल, आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक, तटीय कर्नाटक और आसपास के मध्य महाराष्ट्रमें कई जगहों पर मध्यम बारिश की संभावना है ।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, दक्षिण उड़ीसा, दक्षिण छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर राज्यों, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानो पर हल्की से माध्यम बारिश होने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम मैदानी इलाकों में धुन्ध रहेगी।  .............www.skymet.com

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी।
............एक महीना रिपोर्ट लेने का चार्ज मात्र 1,000 रुपये, 6 महीने का 5,000 रुपये और एक साल का केवल 8,000 रुपये........
एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के लिए ----------------हमें ई-मेल करे या फिर फोन पर संपक करें।

आर एस राणा
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एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर एग्री कमोडिटी की दैनिक टिप्स

प्रिय पाठकों,
एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर एग्री कमोडिटी में दैनिक आधार पर किस भाव पर खरीद करें, क्या स्टोप लोस लगाए तथा टारगेट क्या है। ट्रायल लेने के लिए हमें फोन करें या ई-मेल करें,। यह सर्विस मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से दी जायेगी। इस सेवा के लिए हमें ई मेल
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आर एस राणा
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13 October 2017

14 अक्टूबर 2017 का मौसम पूर्वानुमान

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2017 उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश और गुजरात के बाकी हिस्सों से भी विदा हो गया है। मॉनसून के उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ और भागों से वापसी के लिए मौसमी स्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं।
बिहार और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
एक चक्रवाती सिस्टम अरब सागर के मध्य-पूर्व में और एक कोंकण और गुजरात के तटों के पास दिखाई दे रहा है। इन दोनों मौसमी सिस्टमों को एक ट्रफ रेखा आपस में जोड़ रही है। उत्तर भारत के करीब मध्य पाकिस्तान पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र स्थिर है।
पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे जम्मू कश्मीर पर दिखाई दे रहा है।
बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पूर्वी हिस्सों और अंडमान सागर पर भी बीते दो दिनों से चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इस सिस्टम से तमिलनाडु होते हुए दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा दिखाई दे रही है।
पिछले 24 घंटों के दौरान रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, उत्तरी तमिलनाडु, केरल और विदर्भ में गरज के साथ मध्यम से भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
असम और मणिपुर में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है।
दक्षिणी गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं।
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की गईं।
पिछले 24 घंटों की अवधि में आरोग्यवरम में 108 मिलीमीटर की भारी वर्षा हुई। अमरावती में 78, बंगलुरु में 68, पुनालूर में 65, मजबत में 64, वाशिम में 52, जालना में 40 और बीजापुर में 37 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम जबकि एक-दो जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
आंतरिक तमिलनाडु, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, कर्नाटक के शेष हिस्सों, दक्षिणी-मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणी कोंकण गोवा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कुछ स्थानों पर हल्की और एक या दो जगहों पर मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
दक्षिणी मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है।
देश के प्रमुख शहरों में हैदराबाद में मध्यम जबकि चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में गरज के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली-एनसीआर, जयपुर और लखनऊ में शुष्क मौसम का दौर जारी रहेगा।   .....www.skymet.com

मूंगफली दाने के निर्यात में गिरावट, भाव में तेजी की उम्मीद नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान मूंगफली दाने के निर्यात में भारी कमी आई है। इस दौरान मूंगफली दाने का निर्यात घटकर केवल 1.57 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 2.10 लाख टन का हुआ था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार मूल्य के हिसाब से चालू वित्त वर्ष 2017-18 के अप्रैल से अगस्त के दौरान मूंगफली दाने का निर्यात घटकर 1,182.37 करोड़ रुपये का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 1,828.95 करोड़ रुपये का हुआ था।
चालू खरीफ में मूंगफली की बुवाई में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद भी कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। उत्पादक मंडियों में आगे दैनिक आवक बढ़ने पर मौजूदा भाव में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ सकती है। गुजरात की मंडियों में मूंगफली के भाव 3,400 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में मूंगफली की बुवाई घटकर 41.57 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 46.97 लाख हैक्टेयर में हुई थी। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में मूंगफली की बुवाई 16.25 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 16.43 लाख हैक्टेयर में हुई थी। राजस्थान में मूंगफली की बुवाई पिछले साल के 6.16 लाख हैक्टेयर के मुकाबले घटकर केवल 5.90 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। अन्य राज्यों में कर्नाटका में मूंगफली की बुवाई 3.79 लाख हैक्टेयर में, आंध्रप्रदेश में 6.66 लाख हैक्टेयर में, मध्य प्रदेश में 2.18 लाख हैक्टेयर में और महाराष्ट्र में 2.13 लाख हैक्टेयर के अलावा तमिलनाडु में 1.64 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई है। ..........   आर एस राणा

शीसम सीड के निर्यात में 12.73 फीसदी की कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान शीसम सीड के निर्यात में मूल्य के हिसाब से 12.73 फीसदी की गिरावट आकर कुल निर्यात 1,050.98 करोड़ रुपये का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 1,204.26 करोड़ रुपये का हुआ था। हालांकि चालू खरीफ में इसकी बुवाई कम हुई है लेकिन निर्यात मांग कमजोर होने के कारण भाव में तेजी की संभावना नहीं है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ सीजन में शीसम सीड की बुवाई घटकर 14.19 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इसकी बुवाई 16.25 लाख हैक्टेयर में हुई थी। प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में जहां बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बुवाई घटी है। मध्य प्रदेश में इसकी बुवाई बढ़कर 4.24 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 3.80 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। उत्तर प्रदेश में चालू खरीफ में शीसम सीड की बुवाई घटकर 3 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 4.30 लाख हैक्टेयर में हुई थी। राजस्थान में चालू खरीफ में बुवाई घटकर 2.72 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल 3.44 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। अन्य राज्यों में उड़ीसा में 1.42 लाख हैक्टेयर में और गुजरात में 1.11 लाख हैक्टेयर में शीसम सीड की बुवाई हुई है।.........  आर एस राणा

12 October 2017

डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकवरी

डॉलर के मुकाबले रुपये में आज शानदार रिकवरी आई है और 1 डॉलर की कीमत 65 रुपये के नीचे आ गई है। रुपये की इस चाल का असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर दिख सकता है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल का दाम फिर से बढ़ने लगा है। फिलहाल ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड में करीब 0.5 फीसदी ऊपर कारोबार हो रहा है।  अमेरिका में क्रूड का भंडार करीब 27 लाख बैरल गिर गया है।  अमेरिका में क्रूड के उत्पादन में भी रोजाना 81,000 बैरल की कमी आई है। साथ ही डॉलर में नरमी से ग्लोबल मार्केट में क्रूड को दोहरा सपोर्ट मिला है।
सोने और चांदी में भी करीब 0.25-0.5 फीसदी ऊपर कारोबार हो रहा है। कॉमैक्स पर सोना 1290 डॉलर और चांदी 17 डॉलर के ऊपर है। वहीं लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल में हल्की बढ़त देखी जा रही है।

सोयाबीन का उत्पादन 91.45 लाख टन होने का अनुमान-सोपा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में सोयाबीन का उत्पादन घटकर 91.45 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 109.92 लाख टन का हुआ था। पिछले साल नई फसल की आवक के समय सोयाबीन का बकाया स्टाॅक केवल 4.41 लाख टन का ही था, जबकि चालू सीजन में बकाया स्टाॅक 15 से 16 लाख टन से ज्यादा बचने का अनुमान है। अतः कुल उपलब्धता पिछले साल से ज्यादा ही बैठेगी, इसलिए सोयाबीन की कीमतों में आगे और गिरावट आने का अनुमान है।
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) के अनुसार चालू सीजन में प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में सोयाबीन का उत्पादन 45.39 लाख टन का ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल राज्य में 55.06 लाख टन का उत्पादन हुआ था। अन्य राज्यों में महाराष्ट्र में उत्पादन 31.89 लाख टन और राजस्थान में 7.62 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इन राज्यों में क्रमश 37.42 लाख टन और 8.92 लाख टन का उत्पादन हुआ था।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में सोयाबीन की बुवाई घटकर 101.56 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 109.71 लाख हैक्टेयर में हुई थी। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 13 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है, इन जिलों में इंदौर, ग्वालियर, छत्तरपुर, दमोह, अशोकनगर और भिंड तथा विदिशा आदि शामिल है। इन जिलों में चालू खरीफ में 25 फीसदी से कम बारिश हुई है तथा 2015 के बाद राज्य में दूसरी बार सूखा पड़ा है। पूरे राज्य में इस बार सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश हुई है।
उधर राज्य के खंडवा, खरगौन, शाजापुर, उज्जैन और रतलाम में पिछले 24 घंटे में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई है जिससे उत्पादक मंडियों में सोयबीन की आवक प्रभावित हुई है, इसलिए भाव में हल्का सुधार आया है। हालांकि मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना नहीं है क्योंकि आगे मौसम साफ रहने का अनुमान है इसलिए आगामी दिनों में दैनिक आवक फिर बढ़ जायेगी। मध्य प्रदेश में राज्य सरकार किसानों को सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और बाजार भाव के अंतर का भुगतान करेगी।
सोपा के अनुसार फसल सीजन 2016-17 में सोयाबीन का उत्पादन 109.92 लाख टन का हुआ था जबकि नई फसल के समय बकाया स्टाॅक 4.41 लाख टन को मिलाकर कुल उपलब्धता 114.33 लाख टन की बैठी थी। इसमें से करीब 12 लाख टन की खपत बीज में होने का अनुमान है तथा बाकि बाकि 102.33 लाख टन की क्रेसिंग होनी थी, इसमें से सितंबर तक 85 लाख टन आवक हुई है। अतः किसानों, व्यापारियों व प्लांटों के पास करीब 15.93 लाख टन का बकाया स्टाॅक बचा हुआ है। ...............  आर एस राणा

कच्चे तेल की तेजी पर ब्रेक

अमेरिका में भंडार बढ़ने से कच्चे तेल की तेजी पर ब्रेक लग गया है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड करीब 0.5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। गिरावट के बावजूद नायमैक्स पर भाव 51 डॉलर और ब्रेंट 56 डॉलर के पार है। अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की इन्वेंट्री रिपोर्ट आई थी, जिसके मुताबिक अमेरिका में क्रूड का भंडार 31 लाख बैरल गिर गया है। बाजार को आज जारी होने वाले अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट का भी इंतजार है। गोल्डमैन सैक्स ने अगले साल के लिए ब्रेंट को औसत 58 डॉलर पर रहने का अनुमान दिया है। सोने की चमक बढ़ गई है और ग्लोबल मार्केट में ये 1295 डॉलर के पास चला गया है जो पिछले दो हफ्ते का ऊपरी स्तर है। चांदी में भी लगातार 17 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है और 1 डॉलर की कीमत 65.10 रुपये के पास है।

11 October 2017

दलहन की सरकारी खरीद राज्यों के जिम्मे करने की तैयारी

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार दलहन खरीद की योजना में बदलाव की तैयारी करना चाहती है इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। खाद्य मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव के अनुसार राज्य सरकारें अपनी जरुरत के हिसाब से दालों की खरीद करें, उस पर केंद्र सरकार राज्य सरकारों को सब्सिडी प्रदान करेगी।
खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार दलहन खरीद की योजना बदलने का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित मंत्रालय को भेजा गया है, अगर इस समय सहमति बनती है तो फिर योजना को जल्दी ही लागू किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि अभी तक केंद्र सरकार एफसीआई, नेफैड और एसएफएसी के माध्यम से दलहन की खरीद एमएसपी पर करती थी, तथा बाद में राज्य सरकारों को दलहन की सप्लाई की जाती है। अतः कई बार राज्य सरकार दलहन नहीं लेती, जिससे केंद्र सरकार को नुकसान उठाना पड़ता है। अगर योजना में बदलाव होता है, तो फिर राज्य सरकारें अपनी जरुरत के हिसाब से दलहन की खरीद करेगी। पिछले फसल सीजन में केंद्र सरकार ने दलहन 19.5 लाख टन का भंडारण किया था, जिसमें से केद्रीय पूल में अभी भी करीब 17 लाख टन का स्टाॅक जमा है। .............   आर एस राणा

10 October 2017

ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम 2 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर

ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम 2 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर चला गया है। डॉलर में सुस्ती से ये कॉमैक्स पर 1290 डॉलर का स्तर छू चुका है। हालांकि ऊपरी स्तर से कुछ दबाव भी है। कच्चा तेल फिर से महंगा हो गया है। कल भारी तेजी के बाद आज भी बढ़त पर कारोबार हो रहा है। बार्कलेज ने कहा है कि कच्चे तेल में फिलहाल तेजी जारी रहेगी और अगले साल मार्च तिमाही तक ब्रेंट का औसत भाव 56 डॉलर रहने का अनुमान है। हालांकि साल 2018 की दूसरी तिमाही के लिए बार्कलेज ने ब्रेंट में 48 डॉलर का टार्गेट दिया है और कहा है कि अगले साल क्रूड में भारी उठापटक देखने को मिल सकता है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर का दाम 1 महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया है। सप्लाई में कमी और मांग बढ़ने के अनुमान से तेजी आई है। आज डॉलर के मुकाबले रुपए में हल्की रिकवरी आई है। एक डॉलर की कीमत 65.25 रुपये के आसपास है।

ओएमएसएस के तहत 10.24 लाख टन गेहूं की निविदा आमंत्रित

आर एस राणा
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत बेचने के लिए 10.24 लाख टन गेहूं की निविदा आमंत्रित की है। ओएमएसएस के तहत निविदा भरने का न्यूनतम भाव 1,790 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडियों में गेहूं के भाव इससे नीचे है इसीलिए रोलर फ्लोर मिलें एफसीआई से गेहूं की खरीद नहीं कर रही है।
त्यौहारी मांग बढ़ने के कारण पिछले दो दिनों में गेहूं की कीमतों में 25 से 40 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार आया है, त्यौहारी सीजन के साथ ही आगे ब्याह-शादियों की मांग गेहूं उत्पादों में बढ़ेगी, इसलिए हल्का सुधार और भी आ सकता है, लेकिन बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। दिल्ली के लारेंस रोड़ पर मंगलवार को गेहूं का भाव 1,800 से 1,810 रुपये प्रति क्विंटल रहा। अगर केंद्र सरकार ने गेहूं के आयात शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की तो, फिर दिपावली के बाद इसके भाव में गिरावट आ सकती है।
एफसीआई ने ओएमएसएस के तहत सबसे ज्यादा गेहूं का आवंटन महाराष्ट्र के लिए 3.29 लाख टन, हरियाणा के लिए 2.72 लाख टन, मध्य प्रदेश के लिए 1 लाख टन, पंजाब के लिए 67,100 टन, पश्चिमी बंगाल के लिए 60,000 टन, उड़ीसा के लिए 50,000 टन का आवंटन किया है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु के लिए 30 हजार टन, कर्नाटका के लिए 20,300 टन, राजस्थान के लिए 20 हजार टन, दिल्ली के लिए 16,000 टन, केरल के लिए 13 हजार टन, गुजरात के लिए 8,000 टन, और जम्मू-कष्मीर के लिए 7,000 टन गेहूं का आवंटन किया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लिए 5 हजार टन, उत्तराखंड के लिए 4,200 टन, चंडीगढ़ के लिए 4,000 टन तथा छत्तीसगढ़ के लिए 3,500 टन और असम के लिए 2,000 टन का आवंटन किया है। ..............  आर एस राणा

डीओसी का निर्यात सितंबर में 5 फीसदी बढ़ा

आर एस राणा
नई दिल्ली। सितंबर महीने में डीओसी के निर्यात में 5 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 115,083 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 के सितंबर महीने में इसका निर्यात 109,309 टन का ही हुआ था।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले छह महीनों अप्रैल से सितंबर के दौरान डीओसी के निर्यात में 85 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 1,101,689 टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इनका निर्यात 594,529 टन का ही हुआ था।
चालू फसल सीजन 2016-17 में अनुकूल मौसम से घरेलू बाजार में तिलहनों की पैदावार ज्यादा हुई थी, अतः घरेलू बाजार में डीओसी के भाव कम रहे, जिसकी वजह से निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पिछले कुल वर्षो की तुलना में निर्यात कम ही रहा है।
एसईए के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के सितंबर महीने में पिछले वित्त वर्ष के सितंबर महीने की तुलना में तो डीओसी निर्यात में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन चालू वित्त वर्ष के अगस्त की तुलना में निर्यात में कमी आई है। अगस्त महीने में डीओसी का निर्यात 261,356 टन का हुआ था जबकि सितंबर में घटकर केवल 115,083 टन का ही हुआ है। सितंबर में सोया डीओसी का निर्यात केवल 9,650 टन का ही हुआ है जबकि अगस्त में इसका निर्यात 87,668 टन का हुआ था। इसी तरह सरसों डीओसी का निर्यात अगस्त के 70,820 टन से घटकर सितंबर में केवल 26,403 टन का ही हुआ है। केस्टर डीओसी के निर्यात में सितंबर में जरुर बढ़ोतरी हुई है। सितंबर में केस्टर डीओसी का निर्यात बढ़कर सितंबर में 71,025 टन का हुआ है जबकि अगस्त में इसका निर्यात 60,050 टन का ही हुआ था।
भारतीय बंदरगाह पर सोया डीओसी का भाव चालू वित्त वर्ष के सितंबर महीने में 399 डाॅलर प्रति टन रहा जबकि पिछले साल सितंबर में इसका भाव 463 डाॅलर प्रति टन था। इसी तरह से सरसों डीओसी का भाव भारतीय बंदरगाह पर पिछले साल सितंबर में 282 डाॅलर प्रति टन था जबकि चालू वित्त वर्ष 2017-18 के सितंबर में इसका भाव 236 डाॅलर प्रति टन रहा। ....................   आर एस राणा

कच्चे तेल में हल्की रिकवरी

ग्लोबल भंडार में कमी के अनुमान से कच्चे तेल में हल्की रिकवरी आई है। हालांकि कल से नायमैक्स पर क्रूड का दाम लगातार 50 डॉलर के नीचे बना हुआ है ओपेक ने कहा है कि क्रूड की ग्लोबल इन्वेंट्री घट रही है। ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम एक हफ्ते के ऊपरी स्तर पर चला गया है। इसमें 1285 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। चांदी दो हफ्ते की ऊंचाई पर है और इसका दाम 17 डॉलर के पार है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है और एक डॉलर की कीमत 65.20 रुपये के पास है।

09 October 2017

10 अक्टूबर 2017 का मौसम पूर्वानुमान

बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भागों और इससे सटे बांग्लादेश तथा गंगीय पश्चिम बंगाल पर एक गहरा निम्न दबाव बन गया है। अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। यह मौसमी सिस्टम और प्रभावी हो सकता है।
ओडिशा और इससे सटे हिस्सों पर भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और इससे सटे दक्षिणी-मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी कोंकण गोवा पर भी दिखाई दे रहा है।
ओड़ीशा से दक्षिणी छत्तीसगढ़ और तेलंगाना होते हुए उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दिखाई दे रहा है।
उत्तरी पाकिस्तान के पास एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
ओडिशा, विदर्भ, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
कोंकण गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
दक्षिणी केरल, तमिलनाडु के बाकी भागों, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के शेष राज्यों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई।
रविवार की सुबह 8:30 बजे से पिछले 24 घंटों के दौरान डायमंड हार्बर में 70 मिमी बारिश हुई, अनंतपुर में 77 मिमी और कोझीकोड में 62 मिमी बारिश हुई।
गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के कुछ हिस्सों और झारखंड में मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिणी छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, कोंकण गोवा और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, रायलसीमा और उत्तरी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
तटीय कर्नाटक, उत्तरी केरल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, दक्षिणी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के शेष भागों में भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और गुजरात सहित देश के शेष हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा।   ....www.skymet.com

08 October 2017

सोने में निचले स्तर से रिकवरी

सोने में दो महीने के निचले स्तर से शानदर रिकवरी आई है और कॉमैक्स पर इसका दाम 1280 डॉलर के पार चला गया है। चांदी में भी 0.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 17 डॉलर के बेहद करीब कारोबार हो रहा है। अमेरिका और उत्तर कोरिया में तनाव फिर से बढ़ गया है। वहीं पिछले हफ्ते जारी हुए नॉन फार्म पेरोल आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में नौकरियों की संख्या सितंबर में अगस्त के मुकाबले गिर गई है। पिछले महीने अमेरिका में आए तूफान की वजह से रोजगार पर बड़ा असर पड़ा है, ऐसे में डॉलर की चाल सुस्त पड़ गई है। कच्चे तेल में भी निचले स्तर से रिकवरी आई है। हालांकि इस रिकवरी के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड का दाम 50 डॉलर के नीचे है। लेकिन बेस मेटल में जोरदार तेजी आई है। चीन में जिंक का दाम 9.5 साल के ऊपरी स्तर पर चला गया है। कॉपर और लेड में भी बढ़त पर कारोबार हो रहा है। सप्लाई में कमी और मांग बढ़ने के अनुमान से लंदन मेटल एक्सचेंज पर भी मेटल में तेजी आई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की मजबूती आई है। 1 डॉलर की कीमत 65.30 रुपये के पास है।

07 October 2017

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी।
............एक महीना रिपोर्ट लेने का चार्ज मात्र 1,000 रुपये, 6 महीने का 5,000 रुपये और एक साल का केवल 8,000 रुपये........
एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के लिए ----------------हमें ई-मेल करे या फिर फोन पर संपक करें।

आर एस राणा
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बासमती के साथ ही गैर बासमती चावल का निर्यात बढ़ा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान बासमती चावल के साथ ही गैर बासमती चावल के निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई है।
एपडिा के अनुसार अप्रैल से अगस्त के दौरान बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 18.46 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात केवल 17.75 लाख टन का ही हुआ था।
गैर बासमती चावल का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान बढ़कर 32.85 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 30.03 लाख टन का ही हुआ था। ...................  आर एस राणा

ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 10 हजार टन ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के अगस्त महीने में ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 10 हजार टन से ज्यादा बढ़कर 40,046 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 के अगस्त महीने में केवल 29,905 टन का ही निर्यात हुआ था।
एपीडा के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान ग्वार गम उत्पादों का निर्यात बढ़कर 2,18,165 टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इनका निर्यात केवल 1,35,119 टन का ही हुआ था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार मूल्य के हिसाब से इस दौरान ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 76.95 फीसदी बढ़कर 1,744.06 करोड़ रुपये का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इनका निर्यात केवल 985.61 करोड़ रुपये का ही हुआ था।
उत्पादक मंडियों में ग्वार सीड की दैनिक आवक तो चालू हो गई है जबकि अभी आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है, माना जा रहा है कि चालू महीने के आखिर तक आवक बढ़ेगी, जिससे मौजूदा भाव में मंदा आने का अनुमान है। चालू सीजन में ग्वार सीड की बुवाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है, साथ उत्पादक राज्यों में बारिश भी सामान्य से कम होने के कारण ग्वार सीड की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता में कम आने का अनुमान है। माना जा रहा है कि चालू सीजन में उत्पादन 75 से 80 लाख बोरी ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल उत्पादन 80 से 90 लाख बोरी का हुआ था।................   आर एस राणा

06 October 2017

आस्ट्रेलिया से 2 लाख टन चना के हो चुके है आयात सौदे

आर एस राणा
नई दिल्ली। आयात सौदे ज्यादा होने के कारण घरेलू बाजार में चना की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। दिल्ली के लारेंस रोड़ पर शुक्रवार को चना के भाव घटकर 5,550 से 5,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। चना उत्पादों दाल और बेसन में त्यौहारी सीजन के बावजूद भी मांग कमजोर है इसलिए मौजूदा कीमतों में और भी गिरावट आ सकती है।
सूत्रों के अनुसार आस्ट्रेलिया से 6 वैस्ल करीब 2 लाख टन चना के आयात सौदे हो चुके हैं, इनमें से अक्टूबर में तो 20 से 25 हजार टन चना ही भारतीय बंदरगाह पर पहुंचेगा, लेकिन नवंबर में करीब 3 से 4 वैस्ल भारतीय बदरंगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। आयातकों के अनुसार इसके आयात सौदे 5,300 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल भारतीय बंदरगाह पहुंच के हुए हैं जबकि शुक्रवार को मुंबई में नवंबर शिपमेंट चना के भाव घटकर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
चना उत्पादों में मांग काफी कमजोर है, जबकि केंद्र सरकार आगामी दिनों में केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री बढ़ायेगी, अतः चना समेत अन्य दालों की कीमतों में सुधार तो आ सकता है लेकिन तेजी की संभावना नहीं है। ...................  आर एस राणा

स्टॉकिस्टों की सक्रियता से बासमती धान तेज, दिसंबर में आ सकता है मंदा

आर एस राणा
नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों की सक्रियता से बासमती धान 1,121 और 1,509 के साथ ही परमल, डीपी और सुगंधा के भाव तेज बने हुए हैं। नरेला मंडी में पूसा 1,121 बासमती धान के भाव बढ़कर 3,250 रुपये और 1,509 धान किस्म के बासमती धान का भाव 2,600 से 2,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उत्पादक राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की मंडियों में पूसा 1,509 किस्म के बासमती धान के साथ ही परमल और डीपी की आवक बढ़कर 8 से 10 लाख क्विंटल की हो गई है।
आगे उत्पादक मंडियों में धान की आवक तो बढ़ेगी, लेकिन स्टॉकिस्टों की खरीद से भाव में और भी 300 से 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आने का अनुमान है। जानकारों के अनुसार नवंबर में उत्पादक मंडियों में धान की आवक का दबाव रहेगा, तथा दिसंबर में आवक कम हो जायेगी। धान की कीमतों में तेजी का असर चावल की कीमतों पर भी पड़ेगी, अतः उंचे भाव के कारण बासमती चावल के निर्यात सौदों में 20 से 25 फीसदी की कमी आने की आशंका है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिसंबर में बासमती धान और चावल की कीमतों में मंदा आ सकता है।
विश्व बाजार में भारतीय पूसा बासमती 1,121 स्टीम चावल की कीमतों में चालू महीने में 7.20 फीसदी की तेजी आई है। विश्व बाजार में इसका भाव बढ़कर 1,070 से 1,072 डॉलर प्रति टन (एफओबी) हो गया जबकि पिछले महीने इसका औसत भाव 998.59 डॉलर प्रति टन (एफओबी) था।
उत्पादक मंडियों में पूसा 1,509 बासमती धान और परमल की आवक दीपावली के बाद कम हो जायेगी, उसके बाद पूसा 1,121 बासमती धान और डीपी तथा सुगंधा के साथ ही ट्रेडिशनल बासमती धान की आवक चालू हो जायेगी। स्टॉकिस्टों की खरीद से पूसा 1,121 बासमती धान के भाव भी उत्पादक मंडियों में उंचे ही रहेंगे। .......   आर एस राणा

05 October 2017

डॉलर करीब 7 महीने की ऊंचाई पर

अमेरिका में आज नॉन फार्म पेरोल डाटा जारी होगा और इससे पहले डॉलर करीब 7 महीने की ऊंचाई पर चला गया है। इससे पहले कल वहां बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े आए थे वे काफी अच्छे थे। ऐसे में आज जारी होने वाले नॉन फार्म पेरोल पर बाजार की नजर टिकी हुई है। इससे पहले सोना कमजोर पड़ गया है। इसमें 2 महीने के निचले स्तर के पास कारोबार हो रहा है। कॉमैक्स पर इसका भाव 1270 डॉलर के नीचे है। लेकिन चांदी में हल्की मजबूती कायम है। कल की तेजी के बाद कच्चे तेल की चाल बदल गई है और आज इसमें ऊपरी स्तर से दबाव दिख रहा है। लेकिन दबाव के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड 50 डॉलर के ऊपर है। वहीं ब्रेंट में 57 डॉलर के पास कारोबार हो रहा है। कल की रिकवरी के बाद आज डॉलर के मुकाबले रुपये में फिर से कमजोरी आई है। एक डॉलर की कीमत 65.40 रुपये के पार चली गई है।

दलहन की एमएसपी पर खरीद से भी भाव में तेजी की उम्मीद नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करने की योजना बनाई है, आगे महाराष्ट्र में भी सरकारी खरीद होने की संभावना है लेकिन केंद्रीय पूल में दलहन का भारी-भरकम स्टॉक कीमतों पर दबाव बनाए हुए हैं, इसलिए सरकारी खरीद चालू होने के बाद भी भाव में हल्का सुधार तो आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
उत्पादक मंडियों में उड़द और मूंग की नई फसल की आवक बढ़ रही है तथा भाव उत्पादक मंडियों में एमएसपी से काफी नीचे बने हुए हैं। उत्पादक मंडियों में मूंग 4,000 से 4,600 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटीनुसार चल रही है जबकि उड़द के भाव मंडियों में 3,200 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटीनुसार हैं। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2017-18 के लिए जहां मूंग का एमएसपी 5,575 रुपये वहीं उड़द का एमएसपी 5,400 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) तय किया हुआ है। अरहर की नई फसल की आवक दिसंबर-जनवरी में बनेगी, तथा अरहर का भाव उत्पादक मंडियों में 3,700 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि अरहर का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल है।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान की मंडियों से मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद अगले सप्ताह तक चालू होने की संभावना है, उधर उत्तर प्रदेश से एमएसपी पर खरीद 15 अक्टूबर से चालू होने का अनुमान है। महाराष्ट्र में भी राज्य सरकार एमएसपी पर मूंग और उड़द की खरीद चालू करेगी। जानकारों के अनुसार सरकारी खरीद चालू होने से मूंग और उड़द के भाव में सुधार तो आ सकता है लेकिन केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री आगे बढ़ेगी, इसलिए बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। वैसे भी एमएसपी पर खरीद सीमित मात्रा में ही होने का अनुमान है। चालू खरीफ में जहां उड़द का उत्पादन बढ़ने का अनुमान है वहीं अरहर और मूंग के उत्पादन में कमी आने की आशंका है। .................   आर एस राणा

आयातित गेहूं सस्ता, नवंबर में बढ़ सकता है आयात शुल्क

आर एस राणा
नई दिल्ली। यूक्रेन से आयातित गेहूं सस्ता होने के कारण घरेलू बाजार में त्यौहारी सीजन के बावजूद भी गेहूं की कीमतों में तेजी नहीं आ पर रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी बढ़ाकर 20-25 फीसदी कर सकती है, उसके बाद ही भाव में सुधार आने का अनुमान है। दिल्ली में गेहूं के भाव 1,760 से 1,770 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे है।
यूक्रेन से आयातित गेहूं के भाव बंदरगाह से ट्रक लोड 1,700 से 1,750 रुपये प्रति क्विंटल है, जोकि बंगलुरु मिल पहुंच 1,820 से 1,870 रुपये प्रति क्विंटल, मुंबई मिल पहुंच 1,750 से 1,800 रुपये और पूना मिल पहुंच 1,770 से 1,830 रुपये प्रति क्विंटल है। आस्ट्रेलियाई गेहूं का भाव बंगुलरु में फ्लोर मिल पहुंच 1,970 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बेचा जा रहा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) गेहूं का भाव 2,150 रुपये प्रति क्विंटल है। अतः ओएमएसएस के तहत बेचे जाने वाले गेहूं का भाव उंचा होने के कारण ही एफसीआई से गेहूं का उठाव नहीं हो रहा है।
आयातकों द्वारा यूक्रेन से करीब 7.5 से 8 लाख टन गेहूं के आयात सौदे किए जा चुके हैं, तथा इनमें से करीब 7 लाख टन गेहूं भारतीय बंदरगाह पर पहुंच भी चुका है, बाकि गेहूं का आयात अक्टूबर-नवंबर में होगा। आयातकों द्वारा नवंबर के बाद के आयात सौदे नहीं किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार त्यौहारी सीजन में गेहूं उत्पादों के भाव में तेजी नहीं लाना चाहती, इसलिए गेहूं पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी दीपावली के बाद ही कर सकती है। दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20-25 फीसदी करने की योजना है ताकि चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़ सके। .............  आर एस राणा

04 October 2017

कॉमैक्स पर सोना 1275 डॉलर के आसपास

अमेरिका में कल नॉन फार्म पेरोल डाटा जारी होगा और इससे पहले सोने की चाल थम गई है। कॉमैक्स पर सोना कल के स्तर के आसपास 1275 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। चांदी भी बेहद छोटे दायरे में है। हालांकि कच्चे तेल में दबाव बढ़ गया है। अमेरिका में क्रूड का एक्सपोर्ट बढ़ने से नायमैक्स पर इसका दाम 50 डॉलर के नीचे आ गया है जो पिछले दो हफ्ते का निचला स्तर है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल भी कमजोर है और कॉपर समेत सभी मेटल में गिरावट पर कारोबार हो रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपये में फिर से कमजोरी आई है।

कच्चे तेल में गिरावट

कच्चे तेल में गिरावट बढ़ गई है। सप्लाई बढ़ने के अनुमान से ब्रेंट का दाम 55.50 डॉलर के पास आ गया है। जबकि नायमैक्स क्रूड में 50 डॉलर के पास कारोबार हो रहा है। ये पिछले दो हफ्ते का निचला स्तर है। पिछले महीने अमेरिका में क्रूड का उत्पादन 95.5 लाख बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहां फिर से उत्पादन सुधरने लगा है। वहीं ओपेक की उत्पादन कटौती भी पूरी तरह से लागू हो चुकी है। इसके बावजूद ग्लोबल मार्केट में क्रूड की ओवर सप्लाई बने रहने का अनुमान है। ऐसे में कच्चे तेल की तेजी टिक नहीं पाई है। सोने में रिकवरी आई है और पिछले 2 महीने के निचले स्तर से ये करीब 0.25 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। कॉमैक्स पर फिलहाल सोने का भाव 1275 डॉलर के पास है। जबकि चांदी में करीब 1 फीसदी ऊपर कारोबार हो रहा है। चांदी को बेस मेटल से दोहरा सपोर्ट मिला है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर समेत सभी मेटल करीब 1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। डॉलर में आई गिरावट से मेटल, सोना और चांदी को सपोर्ट मिला है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है। एक डॉलर की कीमत 65.40 रुपये के नीचे आ गई है।

03 October 2017

केंद्रीय पूल से दलहन की बिक्री बढ़ायेगी सरकार

आर एस राणा
नई दिल्ली। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय खुले बाजार में केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री बढ़ायेगा। त्यौहारी सीजन में दालों की कीमतों को काबू में रखने के लिए मंत्रालय ने 2.5 लाख टन दलहन का प्रस्ताव तैयार किया है।
सूत्रों के अनुसार दालों की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 18 रुपये प्रति किलो कम भाव पर करने की योजना है। प्रस्ताव के तहत अरहर, उड़द, मूंग और मसूर की बिक्री की जायेगी। केंद्रीय पूल में सबसे ज्यादा अरहर का स्टॉक है। पांच राज्य सरकारों तमिलनाडु, कर्नाटका, गुजरात, आंध्रप्रदेश ओर महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से दालों की मांग की है।
राजस्थान में राज्य सरकार मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद चालू सप्ताह में शुरु करेगी। .............   आर एस राणा

02 October 2017

डॉलर में उछाल से रुपये पर दबाव

डॉलर में उछाल से ग्लोबल कमोडिटी मार्केट के साथ घरेलू बाजार में रुपये पर भी दबाव बढ़ गया है। मजबूत डॉलर से ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम पिछले 7 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है और कॉमैक्स पर से 1270 डॉलर के भी नीचे का स्तर छू चुका है। चांदी में भी बिकवाली हावी है। दरअसल डॉलर 5 महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया है। ऐसे में कच्चे तेल में भी जोरदार गिरावट आई है। ब्रेंट का दाम 56 डॉलर के नीचे आ गया है। जबकि नायमैक्स क्रूड में 50.50 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल में भी आज बिकवाली हावी है और कॉपर समेत सभी मेटल करीब 0.5 फीसदी नीचे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है और एक डॉलर की कीमत 65.60 रुपये के पास है। कमजोर रुपये से कुछ सहारा भी देखने को मिल सकता है।

30 September 2017

एग्री कमोडिटी दैनिक न्यूज के लिए सुनहरा मौका

खरीफ फसलें सोयाबीन, मूंगफली, केस्टर सीड, ग्वार सीड, धान, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर तथा कपास आदि की नई फसल की आवक उत्पादक मंडियों में अक्टूबर में चालू हो जायेगी, तथा इस बार कैसा रहगा जिंसों का बाजार, आगे किस-किस कमोडिटी में निवेश करने से होगा फायदा, या फिर किस कमोडिटी में बनेगी बड़ी तेजी, आयात और निर्यात के साथ ही केंद्र सरकार की नीतियां कैसी रहेगी, इस सब की जानकारी के लिए हमसे जुड़े। 
एग्री कमोडिटी में दैनिक न्यूज ई-मेल के माध्यम से हिंदी में मिलेंगी। इसमें आपको हर रोज एग्री जिंसों दलहन, तिलहन, ग्वार सीड, चीनी, गेहूं, मोटे अनाज, चावल तथा मसालों की तेजी-मंदी की जानकारी, निर्यात-आयात की खबरों के अलावा सरकार की नीतियां, उत्पादन तथा पैदावार की जानकारी दी जायेगी।

हमसे जुड़ने के लिए मेल या फोन करें।


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आर एस राणा
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R S Rana

बाजरा की बुवाई बढ़ी, मक्का और ज्वार की घटी, भाव में तेजी नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में बाजरा की बुवाई में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मक्का के साथ ही ज्वार की बुवाई में कमी आई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार बाजरा की बुवाई बढ़कर 71.82 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 70.38 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
मक्का के साथ बाजरा की नई फसल की आवक उत्पादक मंडियों में चालू हो गई है, तथा चालू खरीफ में मक्का के साथ ही बाजरा का उत्पादन भी कम होने का अनुमान है, इसके बावजूद भी भाव में तेजी की संभावना नहीं है। हालांकि उत्पादक मंडियों में इनके भाव पहले ही नीचे के बने हुए हैं, इसलिए मौजूदा भाव में हल्की गिरावट तो आ सकती है लेकिन बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों में राजस्थान में बाजरा की बुवाई बढ़कर 43.66 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इस समय राज्य में बाजरा की बुवाई केवल 39.33 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। उत्तर प्रदेश में बाजरा की बुवाई 9.05 लाख हैक्टेयर में, महाराष्ट्र में 6.80 लाख हैक्टेयर में, मध्य प्रदेश में 3.10 लाख हैक्टेयर में, कर्नाटका में 2.39 लाख हैक्टेयर में, हरियाणा में 4.29 लाख हैक्टेयर में तथा गुजरात में 1.54 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है।
मक्का की बुवाई चालू खरीफ में घटकर 80.58 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 83.92 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में मक्का की बुवाई 13.17 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 12.63 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी। कर्नाटका में मक्का की बुवाई घटकर 11.29 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 12.83 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। अन्य राज्य में महाराष्ट्र में मक्का की बुवाई 9.14 लाख हैक्टेयर में, राजस्थान में 9.10 लाख हैक्टेयर में, उत्तर प्रदेश में 7.26 लाख हैक्टेयर में, तेलंगाना में 4.51 लाख हैक्टेयर में, बिहार में 4.10 लाख हैक्टेयर में और छत्तीसगढ़ में 2.26 लाख हैक्टेयर में और गुजरात में 3.07 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है।
ज्वार की बुवाई घटकर चालू खरीफ में 18.64 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 19.64 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। प्रमुख उत्पादक राज्यों राजस्थान में ज्वार की बुवाई 5.55 लाख हैक्टेयर में, महाराष्ट्र में 4.10 लाख हैक्टेयर में, मध्य प्रदेश में 2.70 लाख हैक्टेयर में और तमिलनाडु में 1.30 लाख हैक्टेयर में तथा उत्तर प्रदेश में 1.81 लाख हैक्टेयर में ही हुई है।...................   आर एस राणा

मूंग की बुवाई राजस्थान में बढ़ी, महाराष्ट्र में घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में मूंग की बुवाई में जहां राजस्थान में बढ़ोतरी हुई है, वहीं महाराष्ट्र में इसकी बुवाई में कमी आई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान में मूंग की बुवाई बढ़कर चालू खरीफ में 15.70 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 15.34 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
महाराष्ट्र में चालू खरीफ में मूंग की बुवाई घटकर 4.52 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 5.12 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। कर्नाटका में मूंग की बुवाई घटकर चालू खरीफ में 3.67 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 4.18 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। अन्य राज्य में मध्य प्रदेश में मूंग की बुवाई 2.28 लाख हैक्टेयर में, गुजरात में 1.29 लाख हैक्टेयर में और उड़ीसा में 2.06 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में मूंग की कुल बुवाई घटकर अभी तक केवल 31.80 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 34.53 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। ....................   आर एस राणा

उड़द की बुवाई मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के साथ ही राजस्थान में बढ़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में उड़द की बुवाई मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के साथ ही राजस्थान में भी बढ़ी है। कृषि मंत्रालय के अनुसार मध्य प्रदेश में उड़द की बुवाई बढ़कर 17.89 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 11.68 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
इसी तरह से राजस्थान में उड़द की बुवाई बढ़कर 5.40 लाख हैक्टेयर में और महाराष्ट्र में 4.83 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इन राज्यों में उड़द की बुवाई क्रमशः 3.89 लाख हैक्टेयर में और 4.55 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
उत्तर प्रदेश में चालू खरीफ में उड़द की बुवाई घटकर 5.96 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 6.01 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ में 1.61 लाख हैक्टेयर में, गुजरात में 1.30 लाख हैक्टेयर में, कर्नाटका में 1,30 लाख हैक्टेयर में, उड़ीसा में 2.50 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। मंत्रालय के अनुसार देशभर में उड़द की बुवाई बढ़कर चालू खरीफ में 42.99 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 35.89 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।...............   आर एस राणा

महाराष्ट्र के साथ ही कर्नाटका में अरहर की बुवाई घटी, यूपी में बढ़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटका के साथ ही मध्य प्रदेश में भी अरहर की बुवाई में कमी आई है लेकिन उत्तर प्रदेश में बुवाई पिछले साल से बढ़ी है। कृषि मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में अरहर की बुवाई घटकर 12.73 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 15.33 लाख हैक्टेयर में हुई थी।
कर्नाटका में चालू खरीफ में अरहर की बुवाई घटकर 8.83 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 12.34 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मध्य प्रदेश में चालू खरीफ में अरहर की बुवाई 6.51 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 6.90 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
उत्तर प्रदेश में अरहर की बुवाई बढ़कर चालू खरीफ में 3.60 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 3.52 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। अन्य राज्यों में आंध्रप्रदेश में अरहर की बुवाई 2.60 लाख हैक्टेयर में, गुजरात में 2.72 लाख हैक्टेयर में, छत्तीसगढ़ में 1.37 लाख हैक्टेयर में, उड़ीसा में 1.37 लाख हैक्टेयर में और तेलंगाना में 2.51 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। ............   आर एस राणा

29 September 2017

कैसे करें कमोडिटी में ऑप्शन की ट्रेडिंग

सेबी ने कमोडिटी ऑप्शंस पर गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इसके तहत कमोडिटी फ्यूचर्स में ऑप्शंस ट्रेडिंग को मंजूरी दी गई है। सेबी के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल सिर्फ 1 ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई है। जिसमें नॉन-एग्री कमोडिटी ऑप्शंस के लिए रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का टर्नओवर जरूरी होगा। जबकि एग्री फ्यूचर्स के ऑप्शंस के लिए रोजाना 200 करोड़ रुपये का टर्नओवर जरूरी होगा। फिलहाल किस कमोडिटी में ऑप्शंस ट्रेडिंग होगी इसके बारे में कमोडिटी एक्सचेंजों को फैसला लेना है।
एमसीएक्स सोने में ऑप्शंस ट्रेडिंग शुरु करने जा रहा है जिसके लिए एमसीएक्स पर जोरदार तैयारी चल रही है। कमोडिटी ऑप्शंस, कमोडिटी में हेजिंग का नया जरिया है जिससे कमोडिटी में हेजिंग आसान होगी लेकिन इससे पहले जान लेते है कि कमोडिटी ऑप्शंस क्या है।
ऑप्शंस, एक करार जो खरीदार को खरीदारी का हक देता है, लेकिन जरूरी नहीं कि किसी भी दाम पर या तय वक्त से पहले वह खरीदने या बेचने का फैसला लें। कॉल ऑप्शन फ्यू्चर के तहत बढ़ते दाम से सुरक्षा के लिए हेजिंग की जा सकती है जिसमें असीमित मुनाफे का मौका होता है। वहीं पुट ऑप्शन के तहत सीमित मुनाफे की संभवना के साथ गिरती कीमतों से सुरक्षा मिलती है। पुट कॉन्ट्रैक्ट से किसानों को फायदा हो सकता है जिससे उनको पहले से तय मूल्य पर बेचने का मौका मिलता है।

मानसूनी बारिश की कमी से तिलहन, दलहन के साथ मोटे अनाजों की बुवाई घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में देशभर के 17 फीसदी इलाकों में मानसूनी बारिश सामान्य से कम होने के कारण तिलहन, दलहन के साथ ही मोटे अनाजों की बुवाई में तो कमी आई है, लेकिन कपास के साथ ही गन्ने की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में फसलों की कुल बुवाई घटकर अभी तक केवल 1,060.63 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 1,066.30 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। खरीफ की प्रमुख फसल धान की रौपाई चालू खरीफ में घटकर 379.08 लाख हैक्टेयर में ही पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी रौपाई 382.37 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
मंत्रालय के अनुसार तिलहनों की बुवाई चालू खरीफ में घटकर 173.41 लाख हैक्टेयर में ही पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में तिलहनों की बुवाई 190.26 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। तिलहनों में सोयाबीन के साथ ही मूंगफली की बुवाई भी घटी है। सोयाबीन की बुुवाई चालू खरीफ में अभी तक केवल 105.92 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 114.79 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी थी। मूंगफली की बुवाई भी चालू खरीफ में घटकर 41.58 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 46.98 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। चालू खरीफ में केस्टर सीड की बुवाई घटकर 8.30 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 8.56 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी।
चालू खरीफ में दलहन की बुवाई घटकर 142.01 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक दलहन की बुवाई 147.47 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। दलहनी फसलों में अरहर के साथ ही मूंग की बुवाई में तो चालू खरीफ में कमी आई है लेकिन उड़द की बुवाई पिछले साल की तुलना में 7 लाख हैक्टेयर में ज्यादा हुई है।
मोटे अनाजों की बुवाई चालू रबी में पिछले साल की तुलना में घटकर अभी तक केवल 186.51 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 190.21 लाख हैक्टेयर में मोटे अनाजों की बुवाई हो चुकी थी। मोटे अनाजों में जहां बाजरा की बुवाई में हल्की बढ़ोतरी हुई है वहीं मक्का के साथ ही ज्वार की बुवाई में कमी आई है।
कपास की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 122.59 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 102.79 लाख हैक्टेयर में ही कपास की बुवाई हो पाई थी। गन्ने की बुवाई भी चालू सीजन में बढ़कर 49.95 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 45.64 लाख हैक्टेयर में ही गन्ने की बुवाई हो पाई थी।...............   आर एस राणा

देशभर के 17 फीसदी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम

आर एस राणा
नई दिल्ली। मानसूनी सीजन समाप्ति की और है तथा देशभर के 17 फीसदी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार उत्तर भारत से मानसून की वापसी शुरु हो गई है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से मानसून वापस हो गया है। देशभर में बारिश चालू खरीफ सीजन में सामान्य से 6 फीसदी कम हुई है।
आईएमडी के अनुसार दक्षिण भारत के कर्नाटका और तेलंगाना में भी स्थिति चिंताजनक है। राज्यवर आंकड़ों पर नजर डालें तो ईस्ट उत्तर प्रदेश में बारिश सामान्य से 27 फीसदी कम हुई है जबकि वेस्ट उत्तर प्रदेश में बारिश सामान्य से 30 फीसदी कम हुई है। हरियाणा में बारिश सामान्य से 25 फीसदी, पंजाब में 21 फीसदी, ईस्ट मध्य प्रदेश में 24 फीसदी, महाराष्ट्र के विदर्भा में सामान्य से 23 फीसदी और छत्तीसगढ़ में 11 फीसदी कम बारिश हुई है।
दक्षिण भारत के कोस्टल कर्नाटका में 17 फीसदी और तेलंगाना में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश हुई है।.....   आर एस राणा

28 September 2017

तिलहनों के साथ खाद्य तेलों पर स्टॉक लिमिट की अवधि बढ़ाई

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने तिलहनों के साथ ही खाद्य तेलों पर स्टॉक लिमिट की अवधि को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार स्टॉक लिमिट की अवधि सितंबर 2018 तक बढ़ा दी गई है। खाद्य तेलों के साथ ही तिलहनों पर स्टॉक लिमिट की अवधि 30 सितंबर 2017 को समाप्त हो रही थी।
केंद्र सरकार ने स्टॉक लिमिट की अवधि को बढ़ा दिया है, अब यह राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वह अपने यहां खाद्य तेलों या तिलहनों पर स्टॉक लिमिट लगाती है, या नहीं। क्योंकि स्टॉक लिमिट लगाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है।
चालू खरीफ में तिलहनों की बुवाई में कमी आई है, जिससे तिलहनों की पैदावार भी पिछले साल की तुलना में कम होने का अनुमान है। हालांकि इसके बावजूद भी तिलहनों खासकर के सायोबीन और और मूंगफली की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। अक्टूबर में उत्पादक मंडियों में दैनिक आवक बढ़ने पर सोयाबीन के साथ ही मूंगफली की कीमतों में भी गिरावट आने का अनुमान है।................   आर एस राणा

सोने में गिरावट के संकेत

एबीएन एमरो ने सोने में गिरावट के संकेत दिए हैं और कहा है कि जल्द ही सोना 1250 डॉलर तक गिर सकता है। हालांकि बैंक ने ये भी कहा है कि सोना 1300 डॉलर के स्तर पर इस साल का अंत करेगा और अगले साल सोने का भाव 1450 डॉलर तक भी जा सकता है। इस बीच पिछले तीन महीनों में पहली बार सोने में मंथली गिरावट आई है। इस महीने सोने का भाव करीब 3 फीसदी फिसल गया है जो इस साल का सबसे बड़ी मंथली गिरावट भी है। वीकली लेवल पर भी लगातार तीसरे हफ्ते इसमें गिरावट देखी जा रही है और आज ग्लोबल मार्केट में सोना 1285 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल में ‍भी बेहद छोटे दायरे में कारोबार हो रहा है। सप्लाई घटने और मांग में कमी के अनुमान से इस महीने क्रूड का दाम करीब 10 फीसदी उछल गया है। चीन की मांग के दम पर मेटल में भी मजबूती आई है और लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर पांचवी तिमाही बढ़त दिखा रहा है। इस तिमाही कॉपर में करीब 10 फीसदी की तेजी आई है। खास तौर से चीन की मांग से मेटल की कीमतों को सपोर्ट मिला है।डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है और डॉलर की कीमत 65.30 रुपये के नीचे आ गई है।

29 सितंबर 2017 का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी जम्मू और कश्मीर पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
वर्तमान में, मॉनसून की अक्षीय रेखा पूर्वी उत्तर प्रदेशऔरउत्तरी बिहार के तराई वाले क्षेत्रों से होते हुए पूर्वी असम की तरफ से चल रही है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आस-पास के हिस्सों में एक चक्रवती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा से पश्चिम- मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक और चक्रवात सिस्टमबना हुआ है।
इस मौसम प्रणाली से रायलसीमा और दक्षिण कर्नाटक से केरल तक एक ट्रफ रेखा देखि जा सकती है।
बंगाल की पूर्वोत्तर खाड़ी में एक चक्रवती सिस्टम बना हुआ है।
उत्तरी केरल और आसपास के तटीय कर्नाटक में मानसून जोरदार रहा।
ओडिशा, आंध्र प्रदेश, दक्षिण तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक के शेष हिस्सों और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में सक्रिय मानसून की स्थिति देखी गई।
पूर्वोत्तर राज्यों, पूर्व बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मॉनसून सामान्यरहा।देश के शेष हिस्सों में मानसून कमजोर रहा।
बुधवार को 08:30 बजे से 24 घंटे के अंतराल में, कन्नूर में 77 मिमी बारिश हुई, कोझीकोड 48 मिमी, मंगलगुरु 48 मिमी और कोचीन 41 मिमीबारिश हुई।
पूर्वोत्तर राज्यों और आसपास के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम पर मानसून व्यापक रूप से सक्रिय रहेगा।
सक्रिय मानसून की स्थिति पूर्व और साथ ही दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में होने की संभावना है।
देश के शेष हिस्सों में मानसून कमजोर रहेगा।  ...........www.skymet.com

गुजरात में ग्वार सीड की बुवाई कम

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू सीजन में गुजरात में ग्वार सीड की बुवाई घटकर केवल 2 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 2.23 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
गुजरात के कृषि निदेशालय के अनुसार राज्य में सामान्यतः ग्वार सीड की बुवाई 2.92 लाख हैक्टेयर में होती है। किसानों ने ग्वार सीड के बजाए अन्य नकदी फसलों की बुवाई को तरजीह दी है।.............   आर एस राणा

27 September 2017

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट बढ़ गई है और आज 1 डॉलर की कीमत 65.90 के पास तक पहुंच गई है। रुपया पिछले 6.5 महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है और इस साल के ऊपरी स्तर से करीब 4 फीसदी का गोता लगा चुका है। डॉलर में बढ़त से रुपये पर दबाव बढ़ता जा रहा है। डॉलर में मजबूती से ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव पिछले एक महीने के निचले स्तर पर गिर गया है। कॉमैक्स पर सोना 1280 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि चांदी का भाव पिछले 2 महीने का निचला स्तर छू चुका है। इसमें 17 डॉलर के काफी नीचे कारोबार हो रहा है। मजबूत डॉलर ने कच्चे तेल पर दबाव डाला है और अमेरिका में भंडार गिरने के बावजूद क्रूड करीब 0.5 फीसदी नीचे आ गया है। अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की इन्वेंट्री रिपोर्ट आई थी, जिसके मुताबिक वहां क्रूड का भंडार 18 लाख बैरल गिर गया है।

पहली तिमाही में मसालों का निर्यात 35 फीसदी ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही अप्रैल-जून के दौरान मसालों का निर्यात 35 फीसदी बढ़कर 3,06,990 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इनका निर्यात 2,27,938 टन का हुआ था। मूल्य के हिसाब से निर्यात बढ़कर 4,589.14 करोड़ रुपये का हुआ है।
चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में लालमिर्च का निर्यात बढ़कर 1,33,000 टन का हुआ है जोकि मूल्य के हिसाब से 1,198 करोड़ रुपये का हुआ है। छोटी इलायची का निर्यात बढ़कर चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में 1,220 टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 1,106 टन ही निर्यात हुआ था।
जीरा का निर्यात में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 41,707 टन का और हल्दी का निर्यात 33,323 टन का हुआ है।.................   आर एस राणा

28 सितम्बर 2017 का मॉनसून

मौसमी परिस्थितियाँ दक्षिण पश्चिम मानसून के विदा लेने के लिए अब अनुकूल हो रही हैं।
पाकिस्तान के उत्तरी हिस्सों पर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
मॉनसून की अक्षीय रेखा बहराइच, बलिया, भागलपुर और आगे नागालैंड की तरफ जा रही है।
एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पर बना हुआ है जिससे एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ़ रेखा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से होते हुए दक्षिणी-पश्चिमी अरब सागर की तरफ जा रही है।
उत्तर प्रदेश और आसपास के बिहार एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पर बना हुआ है।
एक तीसरा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र नागालैंड और पड़ोसी क्षेत्रों में चिह्नित है।
उत्तरपश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक चौथा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र स्थित है।
मॉनसून दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उत्तर केरल और आंतरिक तमिलनाडु पर व्यापक रूप से सक्रिय रहा।
वहीं सक्रिय मॉनसून की स्थिति अंडमान निकोबार द्वीप समूह, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण कोकण और गोवा में देखी गयी।
मॉनसून तमिलनाडु और केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, नागालैंड और असम के शेष हिस्सों में सामान्य रहा।
गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्व उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ और हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कमजोर रहा।
पिछले 24 घंटों में नरसपुर में 78 मिमी वर्षा दर्ज़ की गयी, धर्मापुरी में 76 मिमी, बेंगलुरु में 67 मिमी, कोझीकोड में 59 मिमी और यरकौद में 52 मिमी।
मॉनसून कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु में व्यापक रूप से सक्रिय रहेगा।
जबकि दक्षिण कोंकण और गोवा, केरल और उत्तर तमिलनाडु पर मॉनसून सक्रिय रहेगा।
तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, उड़ीसा के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य मॉनसून की स्थिति देखी जाएगी।
बिहार, झारखंड, पूर्व उत्तर प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में मॉनसून कमजोर रहेगा।...........www.skymet.com

स्टॉक ज्यादा होने से हल्दी की कीमतों में गिरावट

आर एस राणा
नई दिल्ली। उत्पादक राज्यों में हल्दी का बकाया स्टॉक ज्यादा होने के साथ ही निर्यात मांग कम होने से हल्दी की कीमतों में मंदा बना हुआ है। बुधवार को निजामाबाद मंडी में हल्दी के भाव 7,500 से 7,600 रुपये और इरोड़ मंडी में 7,100 रुपये प्रति क्विंटल रहे। सप्ताहभर में इसकी कीमतों में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है।
व्यापारियों के अनुसार फसल सीजन 2016-17 में हल्दी का उत्पादन ज्यादा होने के कारण उत्पादक मंडियों में हल्दी का स्टॉक पिछले साल से ज्यादा है जबकि निर्यात कम हो रहा है। कृषि मंत्रालय के तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार हल्दी का उत्पादन 2016-17 में बढ़कर 11.32 लाख टन होने का अनुमान है जबकि इसके पिछले साल हल्दी का उत्पादन 9.43 लाख टन का हुआ था।
मसाला बोर्ड के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले तीन महीनों में हल्दी का निर्यात 10 फीसदी घटकर 33,323 टन का ही हुआ है। विश्व बाजार में हल्दी का भाव 3.19 डॉलर प्रति किलो है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका भाव 3.42 डॉलर प्रति किलो था।
चालू सीजन में हल्दी की बुवाई आंध्रप्रदेश में बढ़ी है, लेकिन तेलंगाना में बुवाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है। आंध्रप्रदेश में हल्दी की बुवाई 14,575 हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 14,304 हैक्टेयर में ही हुई थी। सामान्यतः हल्दी की बुवाई आंध्रप्रदेश में 17,695 हैक्टेयर में होती है। तेलंगाना में हल्दी की बुवाई चालू सीजन में 44,956 हैक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 45,633 हैक्टेयर में हो चुकी थी। सामान्यतः तेलंगाना में हल्दी की बुवाई 47,177 हैक्टेयर में होती है।........   आर एस राणा