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11 July 2017

जून में सोयाबीन की खपत घटी, बकाया स्टॉक ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। जून में सोयाबीन की खपत घटकर केवल 4 लाख टन की हुई है जबकि मई में इसकी खपत 5 लाख टन की हुई थी। सोया रिफाइंड तेल और डीओसी में मांग आगे बढ़ेगी, जिससे सोयाबीन के भाव में सुधार आने का अनुमान है। प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में सोयाबीन के उत्पादक क्षेत्रों में बारिश कम हो रही है, अगर बारिश अगले तीन-चार में नहीं हुई तो फिर सोयाबीन के भाव सुधार आने का अनुमान है।
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) के अनुसार चालू सीजन में अभी तक सोयाबीन की कुल खपत 68.50 लाख टन की ही हुई है, जबकि बकाया स्टॉक 36.41 लाख टन का बचा हुआ है। जुलाई से सितंबर तक 11-12 लाख टन सोयाबीन की और खपत हो होने का अनुमान है ऐसे में नई फसल की आवक के समय सोयाबीन का बकाया स्टॉक 23 से 24 लाख टन का बचेगा। ऐसे में आगामी दिनों में सोयाबीन की कीमतों में तेजी-मंदी काफी हद तक उत्पादक राज्यों में होने वाली बारिश पर भी निर्भर करेगी।
सोपा के अनुसार फसल सीजन 2016-17 में सोयाबीन का उत्पादन 114.91 लाख टन का हुआ था, जबकि बकाया स्टॉक 4.41 लाख टन को मिलाकर कुल उपलब्धता 119.32 लाख टन की थी। बीज में सोयबीन की मांग 12 लाख टन रहने का अनुमान है, ऐसे में क्रेसिंग के लिए 107.32 लाख टन की उपलब्धता है।
सोया डीओसी का उत्पादन चालू फसल सीजन 2016-17 में 69.70 लाख टन का होगा, जबकि बकाया स्टॉक 0.48 लाख टन को मिलाकर कुल उपलब्धता 70.18 लाख टन की होगी। चालू सीजन में डीओसी का निर्यात 18.50 लाख टन होने का अनुमान है जबकि घरेलू खपत 50.45 लाख टन होने का अनुमान है। ..........   आर एस राणा

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